*बाल श्रम से आठ बच्चों का उद्धार: जिला टॉक्स फोर्स द्वारा चलाया गया जागरूकता अभियान सफल*
संवाददाता मंजीत कुमार मिश्र
भिनगा, 27-06-2024 –श्रम विभाग और देहात इंडिया संस्था एवं ए एच टी यू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) टीम द्वारा भिनगा के दहना भिनगा से सिरसिया मार्ग तक और नई बाजार के कलवा बाजार तक चलाए गए बाल श्रम जागरूकता अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। इस अभियान के माध्यम से आठ बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराकर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
इस अभियान का उद्देश्य समाज में बाल श्रम के प्रति जागरूकता फैलाना और बच्चों को इस कुप्रथा से मुक्ति दिलाना था। टीम ने विभिन्न स्थानों पर जाकर लोगों को बाल श्रम के खतरों और कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान, टीम ने बाल श्रम में संलिप्त आठ बच्चों की पहचान की और उन्हें मुक्त कराकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
अभियान की शुरुआत दहना भिनगा से हुई, जहां टीम ने स्थानीय निवासियों और व्यापारियों से बातचीत की। सिरसिया मार्ग और नई बाजार के कलवा बाजार तक पहुंचते-पहुंचते टीम ने कई जगहों पर पोस्टर, बैनर और पैम्फलेट के माध्यम से जागरूकता फैलाई। लोगों को समझाया गया कि बाल श्रम न केवल बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह उनके शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने बताया कि इस अभियान में स्थानीय पुलिस और अन्य गैर सरकारी संगठनों का भी सहयोग प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि हम इन बच्चों को एक सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने में सफल हुए। हमारे अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को शिक्षा और सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें।”
अभियान के दौरान मुक्त किए गए बच्चों को तुरंत चिकित्सा परीक्षण और परामर्श सेवाएं प्रदान की गईं। इसके बाद उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां उनके पुनर्वास और शिक्षा के लिए उचित प्रबंध किए गए।
देहात इंडिया संस्था ने इस अवसर पर सभी स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और संगठनों का धन्यवाद व्यक्त किया, जिन्होंने इस अभियान में सहयोग दिया। संस्था ने आगे भी ऐसे अभियानों को निरंतर चलाने का संकल्प लिया, ताकि बाल श्रम जैसी कुप्रथाओं को जड़ से समाप्त किया जा सके।
अंत में, संस्था ने सभी से अपील की कि वे बाल श्रम के खिलाफ अपनी आवाज उठाएं और किसी भी संदिग्ध मामले की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। केवल मिलकर ही हम समाज से इस बुराई को समाप्त कर सकते हैं और बच्चों को उनका अधिकार दिला सकते हैं।












