श्रावस्ती को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए कार्यशाला आयोजित, डीएम ने दिलाया संकल्प

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श्रावस्ती को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए कार्यशाला आयोजित, डीएम ने दिलाया संकल्प

संपादक रुद्र नारायन तिवारी की रिपोर्ट

श्रावस्ती। महिला कल्याण विभाग एवं स्वयंसेवी संस्था सद्भावना एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों, ग्राम वॉलेंटियरों, प्रमुख व्यक्तियों एवं स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस अवसर पर सद्भावना समिति के अध्यक्ष योगेंद्रमणि त्रिपाठी ने ग्राम वॉलेंटियरों एवं थारू जनजाति की बच्चियों का परिचय कराया तथा संस्था द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों, जनसंपर्क गतिविधियों एवं सामुदायिक प्रयासों की जानकारी दी।
जिलाधिकारी ने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति है, जिसके उन्मूलन के लिए प्रशासन, समाज और जनप्रतिनिधियों का सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन श्रावस्ती को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय सहभागिता से इस संकल्प को शीघ्र ही साकार किया जाएगा।
उन्होंने सभी उपस्थितजनों से अपील की कि बाल विवाह की किसी भी घटना की सूचना तत्काल संबंधित विभाग या प्रशासन को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह के विरुद्ध व्यापक जनजागरूकता फैलाना तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है, जिससे जनपद श्रावस्ती बाल विवाह मुक्त जनपद बनने की दिशा में निरंतर प्रगति करता रहे।कार्यशाला के दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों को बाल विवाह रोकथाम के प्रति संकल्प दिलाया गया। बाल क्लब के सदस्यों द्वारा शपथ ग्रहण कराया गया तथा जिलाधिकारी महोदय ने बाल विवाह मुक्त समाज की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

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