इकौना एसडीएम से न्याय की गुहार लगाने के बाद भी नहीं मिला न्याय पीड़ित ने ली उच्च न्यायालय की शरण
श्रावस्ती।उत्तर प्रदेश के जनपद श्रावस्ती का एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है।जिसको सुनकर आप दंग रह जाएंगे जी ये पूरा मामला उत्तर प्रदेश के जनपद श्रावस्ती के तहसील इकौना के अंतर्गत कटरा बाईपास का है। जहां पर गाटा संख्या 879, 1022 ,1023 की जमीन पर कुछ भूमाफियाओं द्वारा अवैध कब्जा किया गया है जानकारी के लिए बताते चलें कि संतोष साहू पुत्र मनीराम उनकी जमीन खरगौरा बस्ती में है कटरा बाईपास गाटा संख्या 879, 1022 ,1023 है जिस जमीन पर नंदकिशोर पुत्र अभिलेख, राजेश करियाती पुत्र केसरी, पवन तिवारी पुत्र शोभाराम गोरखनाथ पुत्र श्यामता प्रसाद, ये चार लोगों ने मिलकर संतोष साहू की जमीन पर कब्जा किया है और उनकी जमीन पर दीवार भी उठा ली गई है जिस मामले को लेकर इन्होंने एसडीएम इकौना को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है लेकिन इकौना एसडीएम के तरफ से इस मामले को कोई विशेष संज्ञान नहीं लिया गया वहीं पीड़ित ने थक हार कर इस मामले को उच्च न्यायालय लखनऊ में दाखिल किया है ।वही इस मामले को लेकर अगर बात किया जाए तो उच्च न्यायालय में अभी विचारा अधीन है।जानकारी के लिए बता दें कि मनीराम पुत्र रामखेलावन जो कि संतोष के पिता जी है। इन्होंने कई वर्ष पहले गोविंद जो कि लहेरी पूरवा के रहने वाले हैं इनसे जमीन को बैनामा करवाया था जिसका गाटा संख्या, 1022 1023 है ।
दूसरी जमीन जिसका गाटा संख्या 879 है। जिसको राम अचल पुत्र बंसी से इस जमीन को मनीराम ने बैनामा करवाया था आज उसी जमीन पर कुछ दबंगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर दीवार उठा लिया गया है
इस मामले को लेकर पीड़ित ने श्रावस्ती प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है प्रार्थना पत्र देकर लेकिन इस मामले पर कोई कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है पीड़ित ने थक हार कर उच्च न्यायालय की शरण ली है।और वहां पर मामला विचाराधीन है अब ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर पीड़ित या फरियादी प्रशासन के पास न जाए तो कहां जाए प्रशासन ही अगर अपनी जिम्मेदारियां से मुख मोड़ लेता है तो अपने आप में यह बड़ा सवाल है ।और ऐसे में अब श्रावस्ती प्रशासन की बात करें तो श्रावस्ती प्रशासन सवालों के घेरे में गिरता हुआ नजर आ रहा है












