*- भोपाल में ग्रीन बिल्डिंग तकनीक पर अखिल भारतीय सेमिनार का शुभारंभ*
*लोक निर्माण विभाग और IIT इंदौर के बीच हुआ MoU; प्राचीन ज्ञान को विज्ञान से जोड़ने पर जोर*
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन समय की सबसे बड़ी मांग है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्राचीन भारतीय ज्ञान और परंपराओं को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़कर देश को नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री गुरुवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में ‘ग्रीन बिल्डिंग तकनीक’ पर आधारित दो दिवसीय अखिल भारतीय सेमिनार और इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस (IBC) की 113वीं गवर्निंग काउंसिल मीटिंग के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।
*प्राचीन स्थापत्य से सीखेगा आधुनिक मध्यप्रदेश*
मुख्यमंत्री ने राजा भोज के समय के निर्माण कार्यों और मांडव (मांडू) के महलों का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों के पास स्थापत्य कला की अद्भुत तकनीक थी। उन्होंने कहा, “मांडव के महलों में तालाबों के माध्यम से प्राकृतिक शीतलता की जो व्यवस्था है, वह आज की ग्रीन बिल्डिंग तकनीक का ही प्राचीन रूप है।” मुख्यमंत्री ने उज्जैन के डोंगला स्थित भौगोलिक केंद्र और शिप्रा नदी के किनारे बने देवस्थानों की निर्माण शैली का भी उल्लेख किया।
*IIT इंदौर के साथ हुआ महत्वपूर्ण समझौता*
इस अवसर पर मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग (PWD) ने तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी (IIT) इंदौर और ‘गृहा’ (GRIHA) संस्था के साथ एमओयू (MoU) साइन किया। इसके तहत अब प्रदेश में बनने वाले सरकारी भवनों में पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा दक्ष तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान विभाग की स्मारिका, न्यूज़ लेटर और आईबीसी की ‘बिल्ट इन्वायरनमेंट’ पत्रिका का विमोचन भी किया गया।
*प्रमुख घोषणाएं और संकल्प:*
* *जल संवर्धन अभियान:* प्रदेश में गुड़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश जल संरक्षण में देश में अव्वल है, जिसमें खंडवा और बड़वानी जिलों ने उत्कृष्ट कार्य किया है।
* *सड़कों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग:* लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि अब प्रदेश के हाईवे और फ्लाईओवर्स को रेन वाटर हार्वेस्टिंग तकनीक से लैस किया जा रहा है।
* *3D निर्माण तकनीक:* भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सरकार अब 3D भवन निर्माण तकनीक पर भी विचार कर रही है।
*ऊर्जा संकट का समाधान है ग्रीन बिल्डिंग*
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भविष्य में संभावित ऊर्जा संकट का समाधान ‘ग्रीन बिल्डिंग’ में ही छिपा है। इन भवनों में वेंटिलेशन और प्राकृतिक प्रकाश की ऐसी व्यवस्था होती है जिससे बिजली की खपत कम होती है। उन्होंने बताया कि विभाग के इंजीनियर्स ने बीते वर्ष 2.5 लाख पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई है।
इस गरिमामयी कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के साथ हुई। कार्यक्रम में देश भर से आए विशेषज्ञ, इंजीनियर्स और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जो आगामी दो दिनों तक पर्यावरण अनुकूल निर्माण की बारीकियों पर मंथन करेंगे।












