बांदा। घरों की खामोशी को अपराध का मौका समझने वाले एक कथित गिरोह का तिंदवारी पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस के मुताबिक

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*बांदा। घरों की खामोशी को अपराध का मौका समझने वाले एक कथित गिरोह का तिंदवारी पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस के मुताबिक*,

पति-पत्नी पहले घरों की रेकी करते, फिर सूने मकान को निशाना बनाया जाता और दरवाजा-खिड़की तोड़कर एक बाल अपचारी को भीतर भेज दिया जाता। बाहर पति-पत्नी निगरानी करते रहते। चोरी की इस कथित सुनियोजित रणनीति का खुलासा होने के बाद पुलिस ने हमीद और उसकी पत्नी नर्गिस को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को संरक्षण में लिया गया है।तिंदवारी क्षेत्र में गुजरतिया, शिवप्रसाद, जगप्रसाद और दुर्गेश के घरों में हुई चोरी की घटनाओं ने पुलिस के सामने चुनौती खड़ी की थी। मुकदमे दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। इसी क्रम में मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पपरेन्दा रोड स्थित पीएचसी तिंदवारी के पास से हमीद और नर्गिस को पकड़ लिया।पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की। उनके कब्जे से करीब 20 लाख रुपये अनुमानित कीमत के आभूषण और 54,100 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
चोरी का तरीका बना सबसे बड़ा सवाल
पुलिस के अनुसार, आरोपी परिवार के सदस्य घूम-घूमकर घरों की रेकी करते थे। जिस मकान में लोगों की मौजूदगी नहीं होती, उसे निशाना बनाया जाता। दरवाजा या खिड़की तोड़कर बाल अपचारी को घर के भीतर भेजा जाता और पति-पत्नी बाहर खड़े होकर निगरानी करते थे।
यह तरीका केवल चोरी की घटना नहीं, बल्कि अपराध के लिए बच्चे के इस्तेमाल का गंभीर सवाल भी खड़ा करता है। पुलिस के सामने अब यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि बाल अपचारी को इस कथित नेटवर्क में किस तरह जोड़ा गया और क्या इसके पीछे कोई बड़ा संगठित तंत्र भी सक्रिय था।चार मुकदमे, अब पुराने मामलों की भी पड़ताल पुलिस ने मामले में चार अभियोग दर्ज होने की जानकारी दी है। अब जांच का अगला पड़ाव यह है कि बरामद आभूषण किन घटनाओं से संबंधित हैं और आरोपियों ने तिंदवारी के अलावा आसपास के क्षेत्रों में कितने घरों को निशाना बनाया।अपराध का पर्दाफाश गिरफ्तारी से पूरा नहीं होता; असली सफलता तब मानी जाएगी जब बरामद माल को संबंधित पीड़ितों तक पहुंचाया जाए और यह स्पष्ट हो कि चोरी की इन घटनाओं की जड़ कितनी गहरी थी।
कार्रवाई एसपी पलाश बंसल के निर्देशन में एएसपी शिवराज और सीओ सदर सौरभ सिंह के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष संदीप पटेल, उपनिरीक्षक गजेंद्र सिंह, सुभाष चंद्र वर्मा तथा पुलिस टीम ने की।

माया तिवारी बांदा

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