श्रावस्ती। ग्राम पंचायत जरकुसहा (हरिहरपुर रानी ब्लॉक) में बाल अधिकारों की रक्षा, बाल श्रम उन्मूलन और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथाओं के खिलाफ ग्रामीणों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों और बच्चों सहित लगभग 60-70 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन के दौरान एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) थाना भिनगा के उप निरीक्षक रणविजय सिंह ने ग्रामीणों से बच्चों को श्रम से दूर रखने की पुरजोर अपील की।
इसी क्रम में श्रम विभाग से जिला सलाहकार श्री राजेश कुमार ने ‘बाल श्रम निषेध अधिनियम 1986’ के तहत कानूनी प्रावधानों, सजा और जुर्माने की विस्तृत जानकारी देते हुए बाल श्रम से होने वाले नुकसानों से अवगत कराया। इसके साथ ही, विज्ञान फाउंडेशन के ब्लॉक समन्वयक श्री अरुण शर्मा ने बाल विवाह के घातक दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए ग्रामीणों को इससे दूर रहने का संकल्प दिलाया और विभिन्न महत्वाकांक्षी सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में जिला सलाहकार राजेश कुमार ने ग्रामीण स्तर पर गठित ‘बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति’ की भूमिका, जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि देखरेख व संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की मदद के लिए ग्राम स्तर से लेकर जनपद स्तर तक सरकारी तंत्र और समितियां पूरी तरह सक्रिय हैं। इसके साथ ही, ग्रामीणों को किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत मिलने वाले अधिकारों (सुरक्षा, शिक्षा, पुनर्वास) और पॉक्सो अधिनियम 2012 के तहत बच्चों को यौन अपराधों से मिलने वाली कानूनी सुरक्षा की महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि हर बच्चे को सुरक्षा, सम्मान और न्याय का पूरा अधिकार है और इसके लिए आम जनता व प्रशासन को मिलकर सामूहिक प्रयास करने होंगे। दीनानाथ विश्वकर्मा रिपोर्ट












